Saturday, 29 May 2021

मोहब्बत और हसरतें

उसने मोहब्बत बनायी होगी, नफरतें तुमने बना लीं
उसने जरूरत बनायी होगी, हसरतें तुमने बना लीं

~madhusudan

 

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आशिक़ बदनाम

मोहब्बत के गली में हम भी आशिक़ बदनाम हैं,
जिसके लिए बदनाम हुए होठों पे फिर भी उसीका नाम है

 

~ रवि कुमार गहतराज

 

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Friday, 28 May 2021

यूँ तेरा मेरा साथ हो

यूँ तेरा मेरा साथ हो
बनारस का गंगा घाट हो
शाम के हसीन नज़ारे हो
चाँद भी साथ हमारे हो
प्रकृति की हवा सुहानी हो
पक्षियों की मधुर वाणी हो
तेरी मेरी अनकही कहानी हो
हाथों में निर्मल गंगा पानी हो
कुछ वादें तेरी जुबानी हो
कुछ कसमे मेरी जुबानी हो
घाटों पर रात का सन्नाटा हो
गंगा के लहरो की गूंज हो
वहाँ हम एक ज्योतिपुन्ज हो
ऐसी ही प्रेममयी हमारी कहानी हो
गंगा स्वयं साक्ष्य जिसकी निशानी हो

 

~ Pratiksha rai

 

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Wednesday, 26 May 2021

ए-दिल फिर उसे तलाश ना कर

ए-दिल यूँ खुद को खुद की नजरो में रूसवा ना कर
यूँ बेवफा के आने का इंतज़ार ना कर
हम तड़पते हैं तेरी हरकतों से……
ए-दिल फिर उसे मोबाइल पर तलाश ना कर

 

~ unknown

 

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Jine se jyada marna

Ishq ke uss mukaam se guzre hain janab…..,
Jaha log jine se jyada marna pasand karte h

 

~ unknown

 

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Friday, 21 May 2021

अभी तो कहानी शुरू ही हुई थी

उसने कहा हमसे के वो अब और रुक नही सकते,
मेने भी मासूमियत से पूछ लिया जाना जरूरी है क्या?
अभी तो कहानी शुरू ही हुई थी हमारी,
तुम्हारे हिसाब से तुम्हे लगती ये पूरी है क्या….

 

~ Pari

 

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Thursday, 20 May 2021

यहां हर एक का बदला हुआ रंग देखा

इश्क, दोस्ती, मतलब देखा…
इस जमाने मे हमने बहुत कुछ देखा…

लोग देखे लोगों का ढंग देखा…
यहां हर एक का बदला हुआ रंग देखा…

कही घाव, कही मरहम, कही दर्द देखा…
यहां अपनों के हाथ मे खंजर देखा…

कभी रात, कभी दिन देखा…
कही पत्थर का दिल, तो कही दिल पर पत्थर देखा…

कभी हकीकत, कभी बदलाव देखा…
यहां हर चेहरे पर दोहरा नकाब देखा…

चाहत, जिस्म, फिर धोखा देखा…
यहां मोहब्बत के नाम पर सिर्फ मौका देखा…

जीते-जी बस यही देखना बाकी था, अंश…
एक उसे भी, किसी और का होते देखा…

~ अंश

 

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